What is Unified Pension Scheme- UPS यूनिफाइड पेंशन स्कीम

भारत सरकार के द्वारा शनिवार को सरकारी कर्मचारियों के लिए सौगात ले आई है | भारत सरकार के कैबिनेट की बैठक में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme- UPS) नाम की एक नयी पेंशन योजना पर अंतिम रूप से मुहर लगा दी जिससे सरकारी कर्मचारियों को अपने भविष्य और आर्थिक चिंतन को कम करने में मदद मिलेगी |

केन्द्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता रिटायरमेंट के बाद के आर्थिक समस्याओं और उनके परिवार के देखभाल की चिंता हमेशा सताती रहती है और इसी वजह से सरकारी कर्मचारी अपने भविष्य की आर्थिक सुनिश्चितता बनाये रखने के लिए कर्मचारियों और सरकार के बिच हमेशा तनातनी रहती है |

UPS किस समिति की रिपोर्ट पर आधारित है ?

Unified Pension Scheme- UPS के लिए डॉ. सोमनाथ की अध्यक्षता में समिति बनायीं गयी थी | NDA सरकार की कैबिनेट ने यह फैसला डॉ. सोमनाथ समिति के रिपोर्ट के आधार पर लिया है | डॉ. सोमनाथ समिति ने बहुत सारे देशों के पेंशन योजनाओं का अध्ययन किया तथा इस समिति के द्वारा देश के अन्दर विभिन्न संस्थाओं तथा बौधिक व्यक्तियों से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा कर इस योजना की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी गयी जिसके आधार पर कैबिनेट की बैठक में इस योजना को स्वीकार किया गया है |और इस योजना की घोषणा अश्वनी वैष्णव (Ministry of Railways, Ministry of Information and Broadcasting, Ministry of Electronics and Information Technology) के द्वारा किया गया |

Unified Pension Scheme- UPS का मुख्य उद्देश्य:

Unified Pension Scheme- UPS

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक सुनिश्चित और स्थिर पेंशन प्रदान करना है। यह स्कीम कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है ताकि वे रिटायरमेंट के बाद भी सम्मानजनक जीवन जी सकें। UPS योजना के तहत, कर्मचारियों को उनकी अंतिम 1 साल के बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में दिया जाएगा, जिससे उनकी रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सहयोग प्राप्त होता रहेगा |

इसके अलावा, UPS का एक और उद्देश्य पारिवारिक पेंशन का प्रावधान करना है, ताकि कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके। यह योजना विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए बनाई गई है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो।

UPS का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देना है, बल्कि उन्हें महंगाई से निपटने के लिए महंगाई राहत (DA) प्रदान करके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना भी है।

Unified Pension Scheme- UPS का विवरण और मुख्य बिंदु

Unified Pension Scheme- UPS, का उद्देश्य कर्मचारियों को निश्चित पेंशन प्रदान करना है। UPS के तहत, कर्मचारी को उसकी अंतिम 12 महीने की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा, इस योजना में कई और महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं:

  1. सुनिश्चित पेंशन: UPS के तहत सरकारी कर्मचारी अपनी अंतिम सैलरी का 50% पेंशन के रूप में प्राप्त करेंगे, जिससे उनके रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय सुनिश्चित होती है।
  2. पारिवारिक पेंशन का प्रावधान: यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को मिलने वाले पेंशन का 60% हिस्सा प्राप्त होगा। यह परिवार की आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करता है।
  3. महंगाई इंडेक्सेशन: इस योजना में पेंशन को महंगाई राहत (Dearness Allowance) के आधार पर बढ़ाने का प्रावधान है, जो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-W) के आधार पर कैलकुलेट होगा, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहेगी।
  4. ग्रेच्युटी और इकट्ठी राशि: UPS में ग्रेच्युटी के अलावा, रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को इकट्ठी राशि भी प्राप्त होगी, जिससे वे अपने भविष्य के खर्चों को संभाल सकेंगे।
  5. न्यूनतम पेंशन: जिन कर्मचारियों ने 10 साल की सेवा पूरी की है, उन्हें कम से कम ₹10,000 की न्यूनतम पेंशन दी जाएगी, जिससे उनके रिटायरमेंट के बाद जीवन स्तर बना रहे।
  6. कटौती : UPS के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी जिसमें सरकार अपनी तरफ से 18.5 प्रतिशत अपनी तरफ से जमा करेगी, जो यही जमा राशी भविष्य में पेंशन और एकमुश्त पैसा आपको रिटायरमेंट के बाद मिलेगा |

यह योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है। पीएम मोदी ने इसे कर्मचारियों के कल्याण और उनकी गरिमा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है |

Unified Pension Scheme- UPS कब से लागू होगी ?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), जिसे केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दी गई है, सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना है। यह स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी |

What is Share Market: शेयर बाजार क्या है? आसान शब्दों में

Unified Pension Scheme- UPS स्कीम की पात्रता?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की पात्रता निम्नलिखित है:

  1. सरकारी कर्मचारी: UPS योजना का लाभ केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलेगा। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति 1 अप्रैल 2025 के बाद होगी, वे इस स्कीम के तहत पेंशन प्राप्त करने के पात्र होंगे।
  2. न्यूनतम सेवा अवधि: UPS के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी कर्मचारी को कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करनी होगी। 10 साल से कम सेवा करने वाले कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।
  3. विकल्प का अधिकार: जिन कर्मचारियों की नियुक्ति 1 अप्रैल 2025 से पहले हुई है, उन्हें UPS और वर्तमान में लागू राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बीच चयन करने का विकल्प मिलेगा।

इस योजना के तहत, पात्रता मानदंडों का पालन करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद स्थिर पेंशन का लाभ मिलेगा, जिससे उनका आर्थिक भविष्य सुरक्षित रहेगा।

FAQs- Frequently Asked Questions:

Unified Pension Scheme यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) क्या है?

UPS केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को निश्चित पेंशन प्रदान करना है। यह योजना 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी।

Unified Pension Scheme UPS में पेंशन की गणना कैसे की जाती है?

UPS के तहत, कर्मचारियों को उनके सेवा के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन (Basic Pay) का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा, बशर्ते उन्होंने न्यूनतम 25 वर्ष की सेवा की हो। कम सेवा के लिए यह पेंशन आनुपातिक होगी।

Unified Pension Scheme UPS में परिवार पेंशन का क्या प्रावधान है?

यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को मिलने वाले पेंशन का 60% हिस्सा प्राप्त होगा। यह परिवार की आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करता है।

क्या UPS में महंगाई भत्ते का प्रावधान है?

इस योजना में पेंशन को महंगाई राहत (Dearness Allowance) के आधार पर बढ़ाने का प्रावधान है, जो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-W) के आधार पर कैलकुलेट होगा, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहेगी।

UPS और NPS में क्या अंतर है?

NPS एक निवेश आधारित योजना है जिसमें लाभ बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है, जबकि UPS एक निश्चित पेंशन योजना है जिसमें पेंशन की गारंटी होती है। NPS में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है, जबकि UPS में सरकारी योगदान निश्चित होता है।

Leave a Comment